सूचना प्रबंधन एवं प्रसार केंद्र

अवलोकन

सूचना के प्रभावी संग्रहण, संगठन तथा प्रसार के लिए सूचना प्रबंधन एवं प्रसार केंद्र (आईएमडीसी) एक प्रमुख केंद्र के रूप में कार्य करता है। संसाधनों की सुलभ उपलब्धता तथा व्यवस्थित भंडारण के माध्यम से ऐसे केंद्र अनुसंधान, शिक्षण तथा ज्ञान-विनिमय को प्रोत्साहित करते हैं।

आईएमडीसी के प्रमुख उद्देश्य निम्नलिखित हैं—

  • संग्रहण एवं संगठन: पुस्तकों, शोध-पत्रों, प्रतिवेदनों तथा डिजिटल सामग्री जैसे प्रासंगिक आँकड़ों एवं संसाधनों का संग्रहण तथा उनकी सुगम उपलब्धता हेतु व्यवस्थित वर्गीकरण एवं सूचीकरण।
  • भंडारण एवं संरक्षण: मूल्यवान सूचनाओं का भौतिक तथा डिजिटल दोनों स्वरूपों में संरक्षण, जिससे उनकी दीर्घकालिक उपलब्धता सुनिश्चित हो तथा आँकड़ों की हानि से सुरक्षा प्राप्त हो।
  • अभिगम एवं प्रसार: डिजिटल प्लेटफॉर्म, भौतिक पुस्तकालय तथा दस्तावेज-साझाकरण प्रणालियों के माध्यम से शोधकर्ताओं, विद्यार्थियों तथा पेशेवरों को संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करना।
  • सूचना साझाकरण: ऑफलाइन अथवा ऑनलाइन माध्यमों से सूचनाओं का आदान-प्रदान एवं प्रसार।.

सीएसआईआर-राष्ट्रीय धातुकर्म प्रयोगशाला में आईएमडीसी पुस्तकालय प्रबंधन, संग्रहालय एवं अभिलेखागार प्रबंधन, कौशल विकास कार्यक्रमों के आयोजन तथा विद्यालयी विद्यार्थियों हेतु जिज्ञासा गतिविधियों का संचालन करता है।

मुद्रित संग्रह (31 मार्च 2021 तक)

  • 55,000 से अधिक दस्तावेज, जिनमें पाठ्य-पुस्तकें, संदर्भ पुस्तकें, हिंदी पुस्तकें, तकनीकी प्रतिवेदन, नियमावली, सम्मेलन कार्यवृत्त, मानक, शोधप्रबंध, मानचित्र आदि सम्मिलित हैं।
  • वर्ष 1950 से लगभग 21,000 जिल्दबद्ध जर्नल खंडों का संग्रह।
  • सीएसआईआर के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी कर्मियों के शोध प्रकाशनों के पूर्ण-पाठ पुनर्मुद्रण।
  • सीएसआईआर प्रयोगशालाओं की वार्षिक प्रतिवेदन श्रृंखला का संग्रह।

वर्तमान मुद्रित जर्नल सदस्यता (2021)

  • विदेशी जर्नल – 24 (Click)
  • भारतीय जर्नल – 05 (Click)

मानक (Standards)

  • एएसटीएम (ASTM), बीआईएस (सीडी), भारतीय मानक (सीडी)

ई-संग्रह (ऑनलाइन)

  • एनकेआरसी/प्रत्यक्ष सदस्यता के माध्यम से 40 से अधिक संसाधन।
  • प्रमुख विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी प्रकाशकों के जर्नल, जैसे— Nature, Emerald, Elsevier, Taylor & Francis तथा ACI।
  • वैज्ञानिक डेटाबेस : Web of Science।

पेटेंट संसाधन
वाणिज्यिक:
  • डेरवेंट इनोवेशन्स इंडेक्स
  • केसीआई – कोरियन जर्नल डेटाबेस
  • रशियन साइंस साइटेशन इंडेक्स
  • साइएलओ साइटेशन इंडेक्स
मुक्त अभिगम:
  • पेटेंट लेंस
  • गूगल पेटेंट डेटाबेस
  • बौद्धिक संपदा पुस्तकालय

संस्थागत सदस्यता

  • भारतीय:
  • अंतर्राष्ट्रीय:

ई-पुस्तकालय के अंतर्गत ज्ञान संसाधन समूह (KRG) द्वारा निम्नलिखित ई-संसाधनों का विकास एवं अनुरक्षण किया जाता है—

Institutional Membership

  • ज्ञान संसाधन केंद्र: (Click)
  • ई-प्रिंट संग्रह: (Click)
  • पारदर्शिता पोर्टल: (Click)
  • सीएसआईआर-एनएमएल वेबसाइट: (Click)

'जर्नल ऑफ़ मेटलर्जी एंड मैटेरियल्स साइंस' (JMMS) मिनरल्स, मेटल्स और मैटेरियल्स के क्षेत्रों में ओरिजिनल आर्टिकल, रिव्यू रिपोर्ट और शॉर्ट कम्युनिकेशन पब्लिश करता है। इसमें स्ट्रक्चरल और फंक्शनल मैटेरियल्स के पूरे लाइफ साइकिल को शामिल किया जाता है। यह जर्नल मैटेलिक मैटेरियल्स और उनके इस्तेमाल से जुड़े बेसिक साइंस पर खास ज़ोर देता है।

जर्नल ऑफ मेटलर्जी एंड मैटेरियल्स साइंस (JMMS) के दायरे में ये चीज़ें शामिल हैं - मिनरल प्रोसेसिंग, एक्सट्रैक्टिव मेटलर्जी (फेरस और नॉन-फेरस), मेटल्स की प्रोसेसिंग, मेटल्स की एडवांस्ड जॉइनिंग, मैटेरियल्स का मैकेनिकल व्यवहार, मैटेरियल्स के फेल होने के कारण (जैसे क्रीप, फटीग, फ्रैक्चर और कोरोशन), मैटेरियल्स की कैरेक्टराइजेशन, नॉन-डिस्ट्रक्टिव तकनीकें, फंक्शनल मैटेरियल्स, कंप्यूटेशनल मैटेरियल्स इंजीनियरिंग, मेटलर्जिकल वेस्ट की रीसाइक्लिंग और मेटलर्जिकल व इलेक्ट्रॉनिक वेस्ट का इस्तेमाल।

  • अंक 1 एवं 2 : विशिष्टीकृत तथा स्मार्ट कोटिंग्स पर विशेषांक
  • अंक 3 एवं 4 : उन्नत पदार्थों पर विशेषांक

सीएसआईआर समेकित कौशल प्रशिक्षण पहल (CSIR Integrated Skill Training Initiative)

सीएसआईआर-राष्ट्रीय धातुकर्म प्रयोगशाला वर्ष 2017 से सीएसआईआर समेकित कौशल प्रशिक्षण पहल का क्रियान्वयन कर रही है।


कार्यक्रम के उद्देश्य

  • राष्ट्रीय कौशल मिशन में योगदान हेतु सीएसआईआर के ज्ञान-भंडार एवं आधारभूत संरचना का उपयोग करना।
  • सामाजिक लाभ के लिए विशेष कौशल उन्नयन एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित करना।
  • राष्ट्रीय कौशल मिशन द्वारा चिन्हित कौशल एवं प्रशिक्षण कार्यक्रमों का कार्यान्वयन करना।
  • कौशल विकास, प्रशिक्षकों के प्रशिक्षण (Training of Trainers) तथा इनक्यूबेशन सुविधाओं के माध्यम से सीएसआईआर में उद्यमिता एवं तकनीकी उद्यमिता को बढ़ावा देना।

प्रशिक्षण कार्यक्रमों की श्रेणियाँ

  • कॉर्पोरेट प्रशिक्षण कार्यक्रम (CTP)
  • व्यावसायिक प्रशिक्षण कार्यक्रम (PTP)
  • सामाजिक प्रशिक्षण कार्यक्रम (STP)
  • अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम (ITP)
  • एनएसडीसी प्रशिक्षण कार्यक्रम (NTP)
  • अन्य प्रशिक्षण कार्यक्रम (OTP)

लक्षित समूह

  • PTP एवं CTP हेतु पेशेवर/व्यावसायिक व्यक्ति (सशुल्क प्रशिक्षण)
  • वOTP, STP एवं NTP हेतु बेरोजगार युवा (कम लागत/निःशुल्क प्रशिक्षण)
  • वSTP एवं NTP हेतु विद्यालय छोड़ चुके विद्यार्थी (कम लागत/निःशुल्क प्रशिक्षण)
  • वमहिलाओं हेतु विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम (कम लागत/निःशुल्क प्रशिक्षण)

सीएसआईआर वर्चुअल प्रयोगशाला (CSIR Virtual Laboratory)

परियोजना "सीएसआईआर वर्चुअल प्रयोगशाला" का उद्देश्य खनिज, धातु, पदार्थ एवं धातुकर्म के क्षेत्रों में उन्नत डिजिटल प्रौद्योगिकी का उपयोग करते हुए वर्चुअल प्रयोगशाला (VL) के माध्यम से ऐसे नवोन्मेषी शिक्षण उपकरण विकसित करना है, जो विद्यार्थियों को विज्ञान को रुचिकर एवं आनंददायक ढंग से सीखने के लिए प्रोत्साहित करें। इस परियोजना के अंतर्गत सीएसआईआर-राष्ट्रीय धातुकर्म प्रयोगशाला (सीएसआईआर-एनएमएल) अपनी अनुसंधान एवं विकास गतिविधियों पर केंद्रित वर्चुअल प्रयोगशाला हेतु नवोन्मेषी विषय-वस्तु के विकास में योगदान देगी।

सीएसआईआर वर्चुअल प्रयोगशाला को विद्यार्थियों के बीच विभिन्न प्रचार माध्यमों, जैसे मुद्रित सामग्री, डिजिटल मंचों, सोशल मीडिया, रोड शो आदि के माध्यम से लोकप्रिय बनाया जाएगा। सीएसआईआर वर्चुअल प्रयोगशाला की विषय-वस्तु को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए विद्यार्थियों एवं संकाय सदस्यों से केंद्रित समूह चर्चाओं तथा मंथन सत्रों के माध्यम से प्रतिपुष्टि प्राप्त की जाएगी। वैज्ञानिक अवधारणाओं पर आधारित नवोन्मेषी उपकरणों/यंत्रों के निर्माण हेतु विद्यार्थियों के बीच प्रतियोगिताएँ आयोजित करने की भी योजना है। इसके अतिरिक्त, विज्ञान को भविष्य के कैरियर विकल्प के रूप में अपनाने के लिए छात्राओं को प्रेरित करने हेतु सीएसआईआर वर्चुअल प्रयोगशाला मंच का उपयोग महिला वैज्ञानिकों द्वारा प्रस्तुत "2-मिनट वार्ता" (2-Minutes-Talk) अपलोड करने के लिए भी किया जाएगा।

सूचना का अधिकार (RTI)
सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत जानकारी

प्रतिवेदन अवधि के दौरान सीएसआईआर-राष्ट्रीय धातुकर्म प्रयोगशाला को कुल 72 आरटीआई आवेदन प्राप्त हुए तथा 6 अपीलों का आरटीआई दिशा-निर्देशों के अनुसार सफलतापूर्वक निस्तारण किया गया। इसके अतिरिक्त, केंद्रीय सूचना आयोग (CIC), नई दिल्ली से एक अपील सुनवाई हेतु प्राप्त हुई, जिसमें आयोग का निर्णय सीएसआईआर-एनएमएल के पक्ष में रहा तथा प्रकरण का समाधान कर दिया गया।

नवंबर 2016 से सीएसआईआर-एनएमएल ने “आरटीआई अनुरोध एवं अपील प्रबंधन सूचना प्रणाली (RTI-MIS)” पोर्टल के माध्यम से आरटीआई आवेदनों के ऑनलाइन निपटान की व्यवस्था अपनाई है।


PG Portal Statistics
PG Portal Statistics
वैज्ञानिक–विज्ञान शिक्षक सम्मेलन
सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के अंतर्गत सूचना

वैज्ञानिक–विज्ञान शिक्षक सम्मेलन (SSTC) का आयोजन सीएसआईआर कौशल पहल (CSIR Skill Initiative) के अंतर्गत सीएसआईआर-राष्ट्रीय धातुकर्म प्रयोगशाला द्वारा किया गया। यह प्रशिक्षण चार चरणों में संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम का उद्देश्य विज्ञान शिक्षकों को विभिन्न नवोन्मेषी शिक्षण तकनीकों से परिचित कराना था, जिन्हें वे अपनी शिक्षण-पद्धतियों में सम्मिलित कर विज्ञान को विद्यार्थियों के लिए अधिक रोचक एवं सरल बना सकें। वैज्ञानिकों और विज्ञान शिक्षकों के बीच संवाद से विज्ञान विषयों को समझने के नवीन एवं आकर्षक तरीकों का विकास होता है। इन तरीकों का उपयोग आगे विद्यार्थियों को विज्ञान पढ़ाने में किया जाएगा। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में भारत के विभिन्न विद्यालयों एवं महाविद्यालयों के विज्ञान शिक्षकों ने भाग लिया। प्रशिक्षण के प्रथम चरण में सीएसआईआर-एनएमएल के वैज्ञानिकों ने गणित, भौतिकी तथा रसायन विज्ञान की अवधारणाओं के दृश्यात्मक प्रस्तुतीकरण पर व्याख्यान दिए तथा विज्ञान शिक्षकों के साथ संवाद किया। प्रशिक्षण कार्यक्रम के द्वितीय चरण में “त्रिविमीय क्रिस्टल संरचनाओं को समझने हेतु ओरिगामी” विषय पर एक सत्र आयोजित किया गया। इस दौरान वैज्ञानिकों ने घनीय (Cubic), समकोणिक (Orthorhombic) तथा चतुष्कोणीय (Tetragonal) क्रिस्टल संरचनाओं के निर्माण का प्रदर्शन किया। यूनिट सेल के विभिन्न तलों को अलग-अलग रंगों के कागज़ों की सहायता से प्रदर्शित किया गया।

इसके अतिरिक्त, परमाणु की त्रिज्या और किनारे की लंबाई, समन्वय संख्या तथा घनीय यूनिट सेल के रैंक के मध्य संबंध को प्रदर्शित करने के लिए प्लास्टिक की गोलाकार गेंदों का उपयोग किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम के तृतीय चरण में क्रिस्टल संरचना की समझ को और विस्तारित किया गया। ओरिगामी तकनीक के माध्यम से घनीय संरचना में चतुष्फलकीय (Tetrahedral) तथा अष्टफलकीय (Octahedral) रिक्तियों का प्रदर्शन किया गया। इसके साथ ही षट्कोणीय (Hexagonal) क्रिस्टल संरचना को भी प्रदर्शित किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम के चतुर्थ चरण में न्यूटन के नियम, वायुदाब, ध्वनि तरंग आदि भौतिकी की विभिन्न अवधारणाओं को दृश्यात्मक एवं ओरिगामी विधियों के माध्यम से समझाया गया। इसके अतिरिक्त, एक्स-किरण तकनीक द्वारा क्रिस्टल संरचना की पहचान विषय पर एक व्याख्यान सत्र आयोजित किया गया। साथ ही, विद्युत-चुंबकीय अंतःक्रियाओं की अवधारणा को समझाने के लिए ई-कचरे तथा अन्य अपशिष्ट सामग्रियों की सहायता से सोलोनॉयड बनाने का प्रदर्शन भी किया गया।

PG Portal Statistics
Figure: Making of crystal structures and voids using origami technique

सीएसआईआर आदर्श ग्राम

सीएसआईआर एकीकृत कौशल पहल (CSIR Integrated Skill Initiative) के अंतर्गत, सीएसआईआर-एनएमएल ने “आदर्श ग्राम” परियोजना पर कार्य आरम्भ किया है, जिसके माध्यम से ग्रामीणों को उद्यमिता संबंधी कौशल प्रदान किए जाएंगे। आदर्श ग्राम परियोजना की अवधारणा सीएसआईआर के महानिदेशक द्वारा गठित सीएसआर समिति द्वारा प्रस्तुत की गई थी। इस परियोजना का उद्देश्य सीएसआईआर की प्रौद्योगिकियों एवं नवाचारों का उपयोग करते हुए एक आदर्श ग्राम का विकास करना तथा कॉर्पोरेट संस्थानों से सीएसआर वित्तपोषण प्राप्त करना है। सीएसआईआर-एनएमएल की टीम ने झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले के गोलमुरी-जुगसलाई प्रखंड के हितकू पंचायत स्थित केदो गाँव का चयन किया। टीम ने केदो गाँव का दौरा किया तथा ग्रामीणों के साथ बैठक की। बैठक के दौरान ग्रामीणों ने अनेक समस्याएँ सामने रखीं। गाँव में स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता नहीं है। सीएसआईआर-एनएमएल द्वारा लौह (Fe) की मात्रा की जाँच हेतु परीक्षण किया गया। परीक्षण में पाया गया कि लौह की मात्रा अनुमेय सीमा से अधिक है, जिसके कारण जठरांत्र संबंधी समस्याएँ, जोड़ों का दर्द, पेट दर्द, एलर्जी आदि विभिन्न स्वास्थ्य समस्याएँ उत्पन्न हो सकती हैं। इस समस्या के समाधान हेतु ग्रामीणों को लौह निष्कासन के लिए सरल जल फिल्टर तैयार करने का प्रशिक्षण प्रदान करने की योजना बनाई गई। इसके अतिरिक्त, विद्युत आपूर्ति की अपर्याप्त उपलब्धता के कारण ग्रामीण कृषि क्षेत्रों में जल का प्रवाह सुनिश्चित नहीं कर पाते, जिससे उनकी कृषि गतिविधियाँ गंभीर रूप से प्रभावित होती हैं।

सीएसआईआर-एनएमएल की टीम ने इन समस्याओं पर चर्चा की तथा जल फिल्टर, सौर पंप और टूल रूम जैसी विभिन्न सुविधाएँ उपलब्ध कराने का सुझाव दिया। प्रस्तावित टूल रूम में अनेक कृषि उपकरण उपलब्ध होंगे, जिनमें हैंड ट्रैक्टर, धान सफाई पंखा, धान थ्रेशर, विद्युत टूलकिट, घास काटने की मशीन, धान कटाई मशीन, सौर ड्रायर, ग्राइंडिंग मशीन आदि शामिल हैं। इन उपकरणों का उपयोग ग्रामीण कृषि कार्यों के लिए कर सकेंगे।

वैज्ञानिक

नाम

पदनाम

विशेषज्ञता

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डॉ. के. गोपाल कृष्ण

+91-9472769329

kgk.nml@csir.res.in

वैज्ञानिक-जी

  • भौतिक धातुकर्म
  • योगात्मक विनिर्माण
  • लेपन एवं संक्षारण

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डॉ. अनिमेष जेना

+91-9830751876

animeshjana.nml@csir.res.in

वरिष्ठ वैज्ञानिक

  • उन्नत पदार्थ
  • हाइड्रोजन उत्पादन
  • अधिशोषक (Adsorbent) अभिकल्पना
  • कौशल विकास
  • जिज्ञासा कार्यक्रम।

तकनीकी/सहायक कार्मिक

विवरण शीघ्र उपलब्ध कराया जाएगा।

संपर्क

डॉ. सर्मिष्ठा पलित सागर
विभागाध्यक्ष, सूचना प्रबंधन एवं प्रसार केंद्र (IMDC)
सीएसआईआर-राष्ट्रीय धातुकर्म प्रयोगशाला, जमशेदपुर
kgk.nml@csir.res.in
+91-9472769329